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स्वप्नदोष का इलाज, Treatment of Nightmares, Treatment of Nightfall

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स्वप्नदोष (Nightmares / Nightfall)

रोग, रोग पैदा करने वाली आदतों से आता है। इसलिए बीमार लोगों को दवाओं के साथ-साथ शिक्षा की भी जरूरत होती है।


स्वप्नदोष का अर्थ

कुयोग वश, शरीर के अंत:स्रावी तंत्र और तंत्रिका तंत्र में विकार के कारण, रात या दिन में ही सोते समय या सुप्तावस्था में स्वप्न में एक मादा के साथ सहवास की भावना से अनैच्छिक वीर्य स्खलन को स्वप्नदोष (Nightmares) कहा जाता है। वास्तव में यह एक पुरुषों की बीमारी ही है। 

स्वप्नदोष (Nightmares / Nightfall)


स्वप्नदोष का कारण 

बालक जब बाल्यावस्था से किशोरावस्था में प्रवेश करता है, तो उस समयावधि के बीच अनेक नर हार्मोंस शरीर में बनने लगते है, जिनमें से मुख्यत: FSH, LH, TSH, Androgens, Testosterone आदि नर हार्मोंस की भूमिका निभाते हैं। स्वप्नदोष प्राय: नवयुवकों को ही होता है।

चूंकि विशेष रूप से टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के प्रभाव से वृषण (अंडकोष) में शुक्राणु उत्पन्न होते रहते हैं, और फिर वहां से शुक्राणु, शुक्राशयों जमा होते रहते हैं।

टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के स्राव को उत्तेजित करने वाले खाद्य पदार्थ और अश्लील गतिविधियों के कारण शुक्राणु उत्पादन भी तेजी से होने लगता है। यदि शुक्राशय पहले से ही शुक्राणुओं से भरे हुए हैं, तो होमोस्टैसिस नामक शरीर की एक आंतरिक साम्यावस्था प्रक्रिया, अतिरिक्त शुक्राणुओं को सपने के माध्यम से बाहर निकाल देती है।

टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के लेवल को अनावश्यक रुप से बढ़ाने में सहायक कुछ प्रमुख कारण-

👉  हर समय दिमाग में सेक्स संबंधी विचार,

👉  हस्तमैथुन,

👉  गुदा मैथुन,

👉  कब्ज

👉  खाना खाने के तुरंत बाद सो जाना,

👉  पेट में कीड़े,

👉  अश्लील कहानियां पढ़ना व सुनना,

👉  अश्लील गीत / गाने सुनना व अश्लील विडियो देखना,

👉  लडकियों / महिलाओं की नग्न या अर्धनग्न तस्वीरें देखना और सोचना,

👉  रात को सोने से पहले गर्म दूध पीना,

👉  अंडे खाकर सोना,

👉  टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर को बढ़ाने वाले उत्तेजक खाद्य पदार्थ खाकर सोना आदि प्रमुख हैं


स्वप्नदोष के दुष्परिणाम/नुकसान 

यदि महीने में एक या दो बार स्वप्नदोष हो, फिर भी नींद अच्छी तरह आए, शरीर में दर्द और सुस्ती न आए, तो कोई भी चिंता नहीं करनी चाहिए, लेकिन अगर इनमें समस्या महसूस हो तो इसे रोग समझ लेना चाहिए। 

स्वप्नदोष और हस्तमैथुन के कुछ विशेष नुकसान इस प्रकार हैं -

👉 चेहरे की खूबसूरती / सुन्दरता चली जाती है।

👉 शरीर में अनेक छोटी-बड़ी बीमारियां होने लगती हैं, क्योंकि बार बार हस्तमैथुन और स्वप्नदोष के कारण अधिक मात्रा में वीर्य क्षय से प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर हो जाता है।

👉 मस्तिष्क की स्मरण शक्ति / याददाश्त कमजोर हो जाती है।

👉 आंखें अंदर की ओर धंसी हुई लगती हैं।

👉 दृष्टि / नजर कमजोर हो जाती है।

👉 कब्ज हो जाता है।

👉 सुस्ती, आलस्य और हमेशा नींद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

👉 पीठ, कमर, घुटनों अथवा पूरे शरीर में दर्द।

👉 वीर्य पतला हो जाता है और वीर्य में शुक्राणुओं की कमी भी हो सकती है।


स्वप्नदोष दूर करने का उपाय

चूंकि स्वप्नदोष अविवाहित नवयुवकों को होता है, क्योंकि इनको संभोग करने का अवसर प्राप्त नहीं होता, जिससे कि शुक्राणुओं का निष्कासन जारी रहे। अतः अनेक चिकित्सक सलाह हैं कि स्वप्नदोष से बचने के लिए प्रतिदिन या बार-बार हस्तमैथुन करें; लेकिन यह सरासर गलत है, वे चिकित्सक लोग नवयुवकों को रोगग्रस्त बनाने के लिए ही ऐसी घिनौनी सलाह देते हैं। क्योंकि जिस अवस्था में नवयुवकों में स्वप्नदोष की शुरूआत होती है, उस समय वे नवयुवक लोग खूब/अत्यधिक हस्तमैथुन भी करते हैं और खूब स्वप्नदोष भी होता है। अतः हस्तमैथुन करके स्वप्नदोष से मुक्ति पाना सर्वथा गलत और भ्रामक है।

हस्तमैथुन एक कुकर्म है ना कि कर्म, अगर हस्तमैथुन अच्छा होता तो इसे कुकर्म की संज्ञा नहीं दी जाती। जब किसी लड़के का हस्तमैथुन या स्वप्नदोष के द्वारा वीर्यक्षय हो जाता है तो वह अपने को कैसा कमजोर महसूस करता है, आप उस लड़के से पूछिये और यही कमजोरी की स्थिति संभोग के दौरान वीर्यक्षय के बाद भी उत्पन्न होती है।

किशोरावस्था के आरम्भ होने पर प्रत्येक लड़का हस्तमैथुन करता है, क्योंकि उसकी प्राकृतिक और स्वाभाविक मजबूरी होती है, लेकिन प्रतिदिन या बार बार हस्तमैथुन करना खतरे से भरा होता है, और शरीर में भयंकर अस्तव्यस्तता उत्पन्न कर देता है, क्योंकि अनावश्यक उत्तेजना प्रत्येक हार्मोंस के स्तर को बिगाड़ देती है। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि यदि आप किशोरावस्था में बार बार लगातार हस्तमैथुन नहीं करते रहेंगे तो आपकी नर ग्रन्थियां निष्क्रिय हो जाएंगी। 

वीर्य ही शरीर का आधार है। वीर्य को केवल ग्रन्थियों का स्राव ही नहीं समझना चाहिये, क्योंकि ग्रन्थियां वैसे ही वीर्य नहीं बना देती, वीर्य को बनाने के लिए ग्रन्थियों को अनमोल पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है। वीर्य में संतान को उत्पन्न करने की क्षमता होती है। वीर्य ही शरीर को क्रियाशील रखता है। वीर्य का निर्माण और इसकी क्रियाविधि बहुत ही जटिल है, जो आसानी से सभी के समझ में नहीं आती। 

आप नवयुवक हैं और आपको जीवन में कुछ अच्छा बनना है, तो आपको अपने वीर्य की रक्षा करनी ही पड़ेगी। यदि आप अपने वीर्य की रक्षा नहीं करेंगे, तो अत्यधिक वीर्य क्षय के कारण आपकी स्मरण शक्ति या स्मृति शक्ति / याददाश्त कमजोर हो जाएगी; जिससे कि आप पढ़ाई - लिखाई में आगे नहीं बढ़ पायेंगे या किसी प्रतियोगिता को जितने के लिए तीव्र बुद्धि प्राप्त नहीं कर सकते, और भी बहुत कुछ। जैसे कि विवाह हो जाने पर संतान की प्राप्ति में कठिनाई आदि। 

हस्तमैथुन और स्वप्नदोष से मुक्ति दिलाने में सहायक कुछ और उपाय-

👉 उपरोक्त कारणों को दूर करें।

👉 रात को सोने से पहले हाथों और पैरों को ऊपर तक ठंडे पानी से धोएं और पोंछकर सो जाएं।

👉 सोने से 1 घंटे पहले खाना खा लें। जहां तक हो सके सात्विक आहार ग्रहण करें, राजसी और तामसी आहार से बचें।

👉 विशेष रूप से अच्छे काम में व्यस्त रहने की आदत डालें। 

👉 धार्मिक कार्यों में लिप्त रहें और प्रतिदिन धार्मिक पुस्तकों व कहानियों को पढ़े।

👉 अच्छे ज्ञान और अच्छे कार्यों का अनुसरण करें।

👉 अश्लीलता से दूर रहें और ब्रह्मचर्य का पालन करें।

👉 सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अश्लीलता (अश्लील फोटो/विडियो/गानों/गीतों) से बचें तथा सोशल मीडिया और इंटरनेट का अच्छा उपयोग करना सीखें।


स्वप्नदोष दूर करने की होम्योपैथिक दवा

यदि आप स्वप्नदोष को दूर करने के लिए औषधि सेवन करना भी चाहते हैं तो सबसे सर्वोत्तम होम्योपैथिक दवा है, क्योंकि स्वप्नदोष हार्मोंस असन्तुलन के कारण होता है, और होम्योपैथिक दवा का यह सिद्धांत है कि यह शरीर की व्यवस्था को सामान्य बनाती है। यदि आपका हार्मोंस लेवल अनावश्यक बढ़ा है तो होम्योपैथिक दवा उसे घटाकर सामान्य करेगी। यदि आपका हार्मोंस लेवल आवश्यकता से कम है तो होम्योपैथिक दवा उसे बढ़ाकर आवश्यकता के अनुसार सामान्य कर देगी। स्वप्नदोष की ये अचूक और बिल्कुल सुरक्षित होम्योपैथिक औषधियां निम्न हैं-


स्टैफिसैग्रिया 200-  अधिक हस्तमैथुन करने से स्वप्नदोष हो, अत्यधिक कमजोरी मालूम हो, नींद न आने की समस्या हो तो इसकी पांच-पांच गोलियां दिन में तीन बार लें।

डीजिटैलिस पी 200-  यह सभी प्रकार के स्वप्नदोष को ठीक करने की असरदार दवा है। इसकी पाँच-पाँच गोलियाँ दिन में दो बार खायें।

डायस्कोरिया 200-  रात में दो या तीन बार स्वप्नदोष आने पर इसकी पांच-पांच गोलियां दिन में दो बार लेनी चाहिए।

नक्स वोमिका 200-  यदि कब्ज हो और कई बार थोड़ा थोड़ा मलत्याग करना पड़ता हो तो इस दवा को सोने से पहले पांच गोली खायें। 


कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर (FAQ)

प्रश्न 1.  क्या साधना में रात को सोते समय स्वप्नदोष होता है, तो साधना विफल हो जाती है ?

उत्तर - चूंकि स्वप्नदोष या स्वप्न में अनैच्छिक वीर्यपात पर आपका कोई नियंत्रण नहीं हो सकता। अत: हिन्दू धर्म के अनुसार, यदि किसी पुरुष को अनैच्छिक वीर्यपात या स्वप्नदोष हो जाता है तो विधिपूर्वक स्नान के बाद शुद्धता प्राप्त होती है और साधना विफल नहीं मानी जाएगी। कुछ साधनाएं विफल मानी जाती हैं क्योंकि उनमें पूर्ण संयम की आवश्यकता होती है।


प्रश्न 2.  नवरात्रि की दौरान अगर स्वप्न दोष हो जाए तो निवारण ?

उत्तर - हिन्दू धर्म के अनुसार, यदि किसी पुरुष को अनैच्छिक वीर्यपात या स्वप्नदोष हो जाता है तो विधिपूर्वक स्नान के बाद शुद्धता प्राप्त होती है और साधना विफल नहीं मानी जाएगी। अनैच्छिक वीर्यपात या स्वप्नदोष हो जाने पर स्नान के बाद ही शरीर पवित्र माना जाता है।


प्रश्न 3.  क्या स्वप्नदोष से व्रत टूट जाता है ?

उत्तर - हां ! स्वप्नदोष से व्रत टूट जाता है, क्योंकि आप पूर्ण संयम नहीं रख पाये। यदि व्रत में स्वप्नदोष हो जाए तो व्रत का फल नहीं मिल पाता, परन्तु व्रत को स्नान करने के बाद पूरा अवश्य करें।

प्रश्न 4.  क्या स्वप्नदोष से रोजा टूट जाता है?

उत्तर - नहीं ! रोजा का महत्व केवल दिन में उपवास से होता है, रात्रि में जब मांस-मदिरा का सेवन हो सकता है, तो स्वप्नदोष हो जाने से कोई फर्क नहीं पड़ सकता।


प्रश्न 5. स्वप्नदोष में क्या नहीं खाना चाहिए ?

उत्तर - स्वप्नदोष के गंभीर रोगी को उत्तेजक खाद्य (तामसी खाद्य/मांसाहारी/अंडे/रात्रि में गर्म दूध) नहीं खाना चाहिए, क्योंकि ये उत्तेजक खाद्य टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के स्तर को बिगाड़ते हैं।


प्रश्न 6. स्वप्नदोष की एलोपैथिक दवा ?

उत्तर - वास्तव में स्वप्नदोष की कोई भी कारगर एलोपैथिक दवा नहीं है, और फिलहाल जो ताकत की दवाएं और कुछ अन्य दवाएं (Biolin, Revitol, Norflame 400, Norflox, Spemen forte  etc.) दी जाती हैं, उनसे लाभ के स्थान पर हानि ही होती है। अच्छा यही होगा कि आप होम्योपैथिक दवा का सहारा लें।


प्रश्न 7. स्वप्नदोष को रोकने के लिए योग ?

उत्तर - केवल योग भी स्वप्नदोष में पूर्ण लाभ नहीं पहुंचा सकता। सुबह विधिपूर्वक सूर्य नमस्कार और अन्य सभी प्रमुख योगासन (शीर्षासन, भुजंगासन, ताड़ासन, भोजन के बाद वज्रासन आदि) करें तो कुछ लाभ होगा।


प्रश्न 8. स्वप्नदोष में लहसुन के फायदे ?

उत्तर - चूंकि लहसुन उत्तेजक खाद्य है, अतः स्वप्नदोष में लहसुन के सेवन से फायदा बिल्कुल भी नहीं होता।


प्रश्न 9. क्या शादी/विवाह के बाद स्वप्नदोष सही होगा या नहीं ?

उत्तर - शादी/विवाह के बाद स्वप्नदोष सही हो जाता है, क्योंकि संभोग के द्वारा वीर्य निष्कासन के पूर्ण अवसर मिलते हैं। वैसे नवयुवकों में स्वप्नदोष की बीमारी बिना विवाह के भी 2-3 साल के बाद अपने आप ही ठीक हो जाती है।


प्रश्न 10. स्वप्नदोष की आयुर्वेदिक दवा बताएं ?

उत्तर - वास्तव में स्वप्नदोष की कोई भी कारगर आयुर्वेदिक दवा नहीं है, और फिलहाल जो ताकत की दवाएं और कुछ अन्य दवाएं (अश्वगंधा चूर्ण, चंद्रप्रभाबटी आदि) दी जाती हैं, उनसे कोई विशेष लाभ नहीं होता है। अच्छा यही होगा कि आप होम्योपैथिक दवा का सहारा लें।


प्रश्न 11. हमेशा रात को ही स्वप्नदोष (swapandosh) क्यों होता है ?

उत्तर - चूंकि स्वप्नदोष की क्रियाविधि अत्यंत जटिल है, जो मोटे तौर पर होम्योस्टैसिस क्रिया अनावश्यक वीर्य को स्वप्न को आधार बनाकर शरीर से बाहर निकालती है। स्वप्न विशेषत: रात्रि में ही लोग देखते हैं, किसी किसी को दिन में भी स्वप्नदोष हो जाता है।


प्रश्न 12. स्वप्नदोष में पूजा-पाठ करना चाहिए ?

उत्तर - यदि किसी पुरुष को अनैच्छिक वीर्यपात या स्वप्नदोष हो जाता है तो विधिपूर्वक स्नान के बाद शुद्धता प्राप्त होने पर पूजा-पाठ कर सकता है।


मेरे सलाह से आप बिल्कुल स्वस्थ हो सकें, यह मैं अपना मानव धर्म समझाता हूं !


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