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PM Modi's Security Breach | पंजाब में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सुरक्षा में सेंध की पूरी जानकारी

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ :-

प्रिय मित्रों ! भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी जी के साथ 5 जनवरी 2022 के दिन जो घटना घटी, वह पहले कभी नहीं हुई थी और किसी भी प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री के साथ नहीं हुई थी। यह दिल दहला देने वाली घटना और किसी भयंकर अनहोनी को दावत देने वाली घटना थी। इस घटना के बारे में हमने इस पोस्ट में पूरी विस्तृत जानकारी दी है और एक से एक तथ्य दिए हैं, कृपया आप इसे पूरा और ध्यानपूर्वक पढ़ें-

घटना का सारांश :-

पंजाब में पाकिस्तान के बॉर्डर के पास देश के प्रधानमंत्री के सिक्योरिटी में बड़ा सेंध देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़े खतरनाक तरीके के साथ सेंध लगाई गई। प्रधानमंत्री का काफिला खुली सड़क पर रूका हुआ था। सामने का रास्ता ट्रक और ट्रैक्टर लगाकर जाम कर दिया गया था। प्रधानमंत्री जी की कारों काफिला एक फ्लाईओवर पर 15 से 20 मिनट तक रूका रहा और फिर वापस लौटाना पड़ा। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था, किसी प्रधानमंत्री के साथ नहीं हुआ था।

PM Modi's Security Breach, Jan 05, 2022

पंजाब में कांग्रेस की सरकार है, प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगे अफसरों ने पंजाब के चीफ मिनिस्टर से संपर्क करने की कई बार कोशिश की लेकिन चीफ मिनिस्टर चरणजीत सिंह चन्नी फोन लाइन पर नहीं आए। पंजाब पुलिस व SP ने प्रदर्शनकारियों के साथ खूब चाय पीया, और कोई भी सुरक्षा एक्शन नहीं लिया।  बाद में चीफ मिनिस्टर चरणजीत सिंह चन्नी ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि प्रधानमंत्री का रूट अचानक बदला गया, उन्हें रूट की जानकारी नहीं थी। कुछ लोग अचानक उस रास्ते पर आ गए तो मैं क्या कर सकता हूँ। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस घटना से इतने आहत हुए कि उन्होंने वापस लौटते समय बठिंडा एयरपोर्ट पहुंचकर वहाँ तैनात कर्मचारियों से कहा- "अपने मुख्यमंत्री को थैंक यू कहना, मैं वापस जिंदा लौट आया" ।

प्रधानमंत्री जी के वापसी के बाद घटनास्थल पर व पंजाब के अनेक स्थानों पर जमकर खालिस्तानवादी व अलगाववादी नारे लगाये गये तथा साथ - साथ तिरंगे व प्रधानमंत्री का भी नारों के द्वारा जमकर अपमान किया गया।

इस घटना से बहुत सारे सवाल उठते हैं -

1. प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध सिर्फ लापरवाही थी या फिर साजिश ?

2. प्रधानमंत्रियों के रूट की जानकारी सिर्फ SPG और पंजाब पुलिस को थी। यह जानकारी किसने लिक की ?

3. पुलिस का काम प्रधानमंत्री के रूट को सेैनेटाइज़ करना होता है, तो क्या पंजाब पुलिस ने जानबूझकर प्रधानमंत्री के रास्ते में ट्रक और ट्रैक्टर खड़े होने दिए ?

4. अगर किसी तरह की आशंका थी तो फिर पंजाब पुलिस ने यह जानकारी SPG से गुप्त क्यों रखी ?

5.  पंजाब के DGP ने SPG को रूट साफ होने का आश्वासन क्यों दिया ?

6. अगर सुरक्षा में चूक हुई भी तो फिर 15 से 20 मिनट तक पंजाब की सरकार और पुलिस अफसरों ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया ?

7. जब तीनों कृषि कानूनों को प्रधानमंत्री ने वापस कर लिया था या हटा दिया था तो फिर प्रदर्शनकारी किसान थे या कौन थे ?  क्योंकि प्रदर्शन में खालिस्तानी नारा लग रहा था और यह स्पष्ट हो रहा था कि वह सब खालिस्तानी है और अलगाववादी हैं, तो असल में थे कौन ?

8.  पंजाब के चीफ मिनिस्टर चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि प्रदर्शनकारी शांत रूप से प्रदर्शन कर रहे थे और मोदी को कोई खतरा नहीं था। वे लोग केवल रैली में आने वाले बीजेपी के समर्थकों को रोकना चाहते थे और प्रधानमंत्री को वे लोग नहीं रोके थे। लेकिन घटनास्थल पर प्रदर्शनकारी लाठी-डंडों और अनेक हथियारों, तलवार इत्यादि से लैस थे तथा उग्र प्रदर्शन कर रहे थे व तोड़फोड़ कर रहे थे तथा उन्होंने प्रधानमंत्री के काफिले को आगे नहीं बढ़ने दिया। तो चरणजीत सिंह चन्नी ने ऐसा क्यों कहा कि प्रदर्शनकारी शांत रूप से प्रदर्शन कर रहे थे ?

9. चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि मैं प्रदर्शनकारियों पर कोई कदम नहीं उठा सकता। लेकिन घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पता चलता है कि प्रदर्शनकारी अलगाववादी और देशद्रोही थे; तो फिर चरणजीत सिंह चन्नी ने उन पर कोई एक्शन लेने का निर्णय क्यों नहीं लिया ?

10. प्रधानमंत्री के काफिले से 1 किलोमीटर आगे - आगे तक पंजाब पुलिस की गाड़ी निरीक्षण कर रही थी। तो फिर पंजाब पुलिस की गाड़ी वाले अफसरों ने SPG कमांडो को या प्रधानमंत्री के काफिले को क्यों नहीं सूचित किया कि आगे रोड ब्लॉक है ?

Jan 05, 2022 को प्रधानमंत्री के काफिले के साथ असल में क्या हुआ :-

Jan 05, 2022 को पंजाब के फिरोज़पुर में प्रधानमंत्री का बड़ा कार्यक्रम था। पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी को कई प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास करना था। इसके बाद वहां नरेंद्र मोदी की एक बड़ी पब्लिक मीटिंग थी। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी तमाम कार्यों में हिस्सा लेने के लिए बठिंडा एयरपोर्ट पर पहुॅंचे, फिर वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए मोदी को हुसैनीवाला नामक स्थान पर जाना था। वहाॅं प्रधानमंत्री शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले थे। मौसम खराब था, इसलिए हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पाया। 

एयरपोर्ट पर  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का काफिला 20 मिनट तक मौसम के साफ होने का इंतजार किया लेकिन मौसम साफ नहीं हुआ। 

अब केवल दो विकल्प थे, या तो मोदी वापस दिल्ली लौट जाते या सड़क के रास्ते हुसैनीवाला जाते।

मोदी के SPG कमांडो की पंजाब के DGP से पहले से बात हो चुकी थी और 5 दिन पहले से ही प्रधानमंत्री को वहाॅं पहुॅंचने के तीन अल्टरनेटिंव रूट (वैकल्पिक मार्ग) तय किये गये थे तथा उस पर रिहर्सल भी हुआ था और रोड सैनिटाइज का रिपोर्ट भी आ गया था। जब मौसम साफ ना होने के कारण हेलीकॉप्टर द्वारा उड़ान न भरा जा सका तो मोदी को अल्टरनेटिव रूट के द्वारा फिरोजपुर और हुसैनीवाला तक जाना निश्चित किया गया। SPG कमांडो ने पंजाब DGP से तुरंत बात की। DGP ने भरोसा दिलाया कि वह रूट क्लियर है, सारे रास्ते में सुरक्षा के पूरे इंतजाम है। 

इसके बाद प्रधानमंत्री का काफिला बठिंडा एयरपोर्ट से हुसैनीवाला की तरफ निकल पड़ा और करीब 170 किलोमीटर का सफर तय कर लिया। जब हुसैनीवाला सिर्फ 30 किलोमीटर दूर था और प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर से गुजर रहा था, उसी वक्त तक फ्लाईओवर पर रास्ता रोक लिया गया। सड़क पर ट्रक, अनेक बस और 20 से ज्यादा ट्रैक्टर आ गए थे। सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। SPG कमांडो तुरंत गाड़ियों से उतरकर प्रधानमंत्री को सुरक्षा देने के लिए चारों तरफ से घेर लिए।  तुरंत पंजाब पुलिस के अफसरों से कांटेक्ट करने की कोशिश की गई लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ। सीधे पंजाब के चीफ मिनिस्टर चरणजीत सिंह चन्नी से बात करने की कोशिश हुई लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी फोन लाइन पर नहीं आए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का काफिला  पंजाब पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार करते हुए 20 मिनट तक खुली सड़क पर खड़ा रहा। 

इस विडियो को देखिए, जो किसी बड़े खतरे को बताता है, क्योंकि पंजाब पुलिस खुद रैली में जाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकी थी, और मोदी जी के सुरक्षा के साथ भयंकर खिलवाड़ किया -



यह भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में पहली घटना थी, जब किसी प्रधानमंत्री को गाड़ी में इस तरह से खुली सड़क पर रोका गया।  इस तरह से सुरक्षा में सेंध लगी जो बहुत खतरनाक बात है। यह देश के प्रधानमंत्री की सिक्योरिटी के साथ खिलवाड़ था। प्रधानमंत्री 20 मिनट तक गाड़ी में बैठे रहे फिर पंजाब पुलिस की कोई प्रतिक्रिया न होने पर  सुरक्षाकर्मियों ने प्रधानमंत्री को वापस ले जाने का फैसला किया। इसके बाद प्रधानमंत्री जी की फिरोजपुर की रैली रद्द कर दी गई। फिरोजपुर में जिन प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन होना था उन्हें टाल दिया गया।  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी वापस लौट गए और बठिंडा एयरपोर्ट से वापस दिल्ली लौट आए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बठिंडा एयरपोर्ट के अधिकारियों से कहा कि- अपने मुख्यमंत्री को थैंक यू कहना कि मैं वापस एयरपोर्ट तक जिंदा लौट पाया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का काफिला जब चाहिए फ्लाईओवर पर था, उस समय प्रधानमंत्री जी के काफिले के पीछे अनेक बीजेपी के कार्यकर्ता आ रहे थे। जब मोदी का काफिला वापस लौटा तो रास्ते में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने अपने फोन में वीडियो रिकॉर्ड किया। इन वीडियो से स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भयंकर सेंध लग गई।

जिस रोड पर अनेक तरह की अनेक गाड़ियां खड़ी थी, उसी रोड से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का काफिला वापस लौटाया गया। आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ था, सिक्योरिटी के लिहाज से यह बहुत बड़ा खतरा था। लेकिन सिक्योरिटी को यह रिस्क लेना पड़ा, क्योंकि और कोई रास्ता नहीं था। मैं आप लोगों को वह वीडियो दिखाता हूं जिसको बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने अपने फोन में रिकॉर्ड किया-


 प्रधानमंत्री के यातायात सुरक्षा पर एक नजर:-

 प्रधानमंत्री के चारों तरफ तीन स्तर में सिक्योरिटी होती है। सबसे अंदर SPG कमांडो का घेरा होता है, उसके बाद पुलिस का घेरा होता है। प्रधानमंत्री जब किसी राज्य में जाते हैं, तो एसपीजी कमांडो उस राज्य के पुलिस के साथ कांटेक्ट करती है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा का इंतजाम करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी होती है। प्रधानमंत्री जिस रास्ते से जाते हैं, उस रास्ते को सबसे पहले पुलिस द्वारा सैनिटाइज किया जाता है। उस रूट के दोनों तरफ पुलिस तैनात रहती है, जिससे कि उस रास्ते पर कोई ना आए, कोई रुकावट ना हो। प्रधानमंत्री के काफिले के आगे रूट क्लियर कराने वाले पुलिस की गाड़ियां चलती है। 10 मिनट पहले सड़क बंद कर दी जाती है और किसी अन्य गाड़ी को चलने की इजाजत नहीं होती। राज्य पुलिस के कांटेक्ट में एसपीजी सदैव रहती है। प्रधानमंत्री का रूट आखिरी वक्त तक सिक्रेट या गुप्त रखा जाता है और एक से अधिक अल्टरनेटिव रूट का इंतजाम भी किया जाता है। साथ में सभी इमरजेंसी एलिमेंट होते हैं।

 प्रधानमंत्री जब किसी सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जाते हैं तो चीफ मिनिस्टर, चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी प्रधानमंत्री को रिसीव करते हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाना कोई हंसी खेल नहीं है।

 जरा इस वीडियो को गौर से देखिए-



प्रधानमंत्री जिस रास्ते से गुजर रहे हों, उस रास्ते पर कोई ट्रक और ट्रैक्टर लेकर पहुंच जाए; यह कोई आसान काम नहीं है, लेकिन पंजाब में यह काम बड़ी आसानी से हो गया। Jan 05, 2022 को बठिंडा एयरपोर्ट पर ये तीनों ( चीफ मिनिस्टर, चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी ) नहीं थे। चन्नी के स्टाफ के दो लोग कोरोनावायरस पाजिटिव निकले थे, अतः चन्नी भी 3 दिनों के लिए सेल्फ आइसोलेशन में चले गए। इसलिए प्रधानमंत्री को रिसीव करने के लिए उन्होंने अपने फाइनेंस मिनिस्टर मंत्री सिंह बादल को भेजा लेकिन डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी क्यों नहीं आए, इसका कोई भी जवाब नहीं मिला और इन लोगों के पास इसका कोई जवाब भी नहीं है। जबकि प्रधानमंत्री के काफिले में इन दोनों अफसरों के लिए गाड़ियों का इंतजाम किया गया था। पंजाब सरकार से इस सब के लिए जवाब मांगा गया लेकिन जवाब देने के बजाय चीफ मिनिस्टर चन्नी और कांग्रेस के बाकी नेताओं ने इस मामले को सियासी रंग देने की कोशिश की।

इस घटना पर किसने क्या-क्या कहा:-

जैसे ही खबर फैली कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सुरक्षा में चूक हुई है, प्रधानमंत्री जी का रास्ता प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया है, पुलिस ने उन्हें हटाने की कोई कोशिश नहीं की, मोदी जी को वापस लौटना पड़ा; तो सबसे पहले जेपी नड्डा जी ने पंजाब सरकार को घेरा।

1. जेपी नड्डा जी ने क्या कहा :-

प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा में सेंध बहुत गंभीर मसला है। प्रदर्शनकारियों को प्रधानमंत्री जी के रास्ते में घुसने की इजाजत किसने दी। पंजाब के डीजीपी ने एसपीजी को रिपोर्ट दिया था कि रास्ता साफ है, सुरक्षित है, इसके बाद भी प्रदर्शनकारी रोड पर कैसे पहुंचे ? जेपी नड्डा ने कहा- ऐसे हालात में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फोन भी नहीं उठाया।  उनके कुछ ट्विट इस प्रकार हैं-

 

  2. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी  ने क्या कहा:-

आदरणीय प्रधानमंत्री जी के पंजाब दौरे के दौरान आज उनकी सुरक्षा के साथ जो खिलवाड़ पंजाब की सरकार के संरक्षण में आज पंजाब के अंदर हुआ है, वह पंजाब के अंदर व्याप्त दूर्व्यवस्था और अराजकता का जीता जागता उदाहरण है। कांग्रेस शासित पंजाब की सरकार को देश की जनता से इस बात के लिए माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस सदियों से इस देश की वैधानिक संवेदनाओं की अवहेलना करती रही है। इस प्रकार की गंभीर चूक जो आज पंजाब के अंदर हुए हैं वह अछम्य है और यह एक शरारत भरा पूर्ण पंजाब सरकार की और कांग्रेस की एक दूरभि संधि को प्रमाणित करता है। यह देश इस प्रकार की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगा। कांग्रेस को और पंजाब सरकार को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। 

आप उनका यह वीडियो देखिए-


3. मध्य प्रदेश के सीएम श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने क्या कहा:-

देश की करोड़ों करोड़ जनता का आशीर्वाद माननीय श्रीमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के साथ हैं। भगवान को धन्यवाद कि उनका जीवन सुरक्षित है, वरना कांग्रेस ने, कांग्रेस की सरकार और गांधी परिवार ने तो कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उनकी सुरक्षा के साथ जो खिलवाड़ किया गया वह इस देश में पहले कभी नहीं हुआ। प्रधानमंत्री जी के सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की थी। यह प्रधानमंत्री जी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं है, यह तो राष्ट्र की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। क्या कांग्रेस, कांग्रेस की सरकार, गांधी परिवार नफरत से इतना भरा है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा से खेल जाए। यह आपराधिक षड्यंत्र है और देश की जनता इसके लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।

 आप उनका यह वीडियो देखिए-


 4. भारत के केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जी ने क्या कहा:-

भारत के केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जी ने कहा कि जो भी कुछ हुआ वह नफरत का नतीजा है। कांग्रेस को, गांधी- नेहरू खानदान को मोदी जी से नफरत है; यह सब जानते हैं। लेकिन यह नफरत इतनी बढ़ जाएगी कि कांग्रेस भारत के प्रधानमंत्री जी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करेगी, प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा में सेंध की साजिश रचेगी यह किसी ने नहीं सोचा था। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस से कुछ तीखे सवाल पूछे। आप इस वीडियो को देखकर जान जाएंगे-


5. भाजपा के प्रवक्ता सुधांशु द्विवेदी जी ने क्या कहा:-

आज एक ऐसी घटना हुई है जो भारत के इतिहास में अभूतपूर्व हैं। आतंकवाद के गंभीर दौरों में, आतंकवाद से गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में भी कभी इस प्रकार की त्रुटि सुरक्षा में नहीं हुई या यूं कहें सुरक्षा के साथ ऐसा मजाक नहीं हुआ जैसा आज माननीय प्रधानमंत्री जी के साथ हुआ है। चाहे राष्ट्र का विकास हो या राष्ट्र की सुरक्षा या राष्ट्र का हित हो उन लोगों ने अपनी निजी राजनीति की तराजू पर तौलते तौलते आज इस सीमा तक आ गए कि मोदी जी के प्रति ईर्ष्या, मोदी जी के प्रति वैमनस्य, मोदी जी के प्रति घृणा, सरकार के रूप में अपना संवैधानिक दायित्व, राजनीतिक दल की मर्यादा और मानव जीवन का मूल्य यानी इंसानी जान की कीमत इन सबको तार-तार कर दिया। और उसी के साथ ही अभी कहेंगे कि पंजाब की गरिमा को भी धूल धूसरित कर दिया, पंजाब की क्या छवि बनाई उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ?


6. मनजिंदर सिंह सिरसा जी ने क्या कहा:-

 पंजाब में आज जिस तरह से प्रधानमंत्री जी की रैली के अंदर Security Breach हुआ, बहुत बड़ी सेंध लगी; यह कोई अचानक नहीं हुआ ! मैं बार-बार कहता रहा, फिर आज कहने जा रहा हूं, कांग्रेश एक डिजाइन कांफिग्रेसी के तरीके से, एक डिजाइन मॉडल के तरीके से पूरी दुनिया में हमें बदनाम करती आई है और करना चाहती है। सन 1980 के दशक में भी इसी तरह से कांग्रेस ने किया था; हमें पहले काॅन्फिट में बिठाया, फिर भड़काया, फिर हमें पूरी दुनिया के अंदर आतंकवादी और अलगाववादी बनाकर हमें मारने का काम किया। यह वह चीज है, जिसे पाकिस्तान और आईएसआई चाहती है कि हमारी कनफ्लिक्ट हो। मैं हैरान हूं और इस बात को लेकर चिंतित हूं कि जो आईएसआई और पाकिस्तान चाहता है वही पंजाब में कांग्रेस की सरकार चाह रही है और देश में कांग्रेस पार्टी चाह रही है। क्या देश के प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी के प्रधानमंत्री हैं ? मैं अपने किसान भाइयों से भी, मैं अपने पंजाबियों से भी हाथ जोड़कर यह आग्रह करता हूं कि- जरा सोचो हमें किस तरफ ले जाया जा रहा है, किस तरह से हमें बदनाम किया जा रहा है ? आज जो सिक्योरिटी ब्रीच हुई है इसको कांग्रेस ने ही सेट करया है, कांग्रेस ने ही इसे फैसिलिटेट किया है और यही कारण बना कि लोगों को सड़कों पर लाया गया ताकि नुकसान पहुंचाया जा सके। केवल कांग्रेस की एक ही मंशा है, फिर से पंजाब के सिक्खों को 1980 के दशक की तरह लड़ाया - भिड़ाया जाए और उनको गिराया जाए। सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक गिर सकती है। अगर सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस आईएसआई और पाकिस्तान की सोच के साथ काम कर सकती है तो आप सोच सकते हैं कि कितनी खतरनाक है कांग्रेस आज हम सबके लिए।


7. Capt. अमरिंदर सिंह जी ने क्या कहा:-

खासकर पंजाब, सीएम और एचएम पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल। जब आप देश के प्रधान मंत्री को सुगम मार्ग प्रदान नहीं कर सकते हैं और वह भी पाकिस्तान की सीमा से सिर्फ 10 किमी दूर, आपको पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और आपको पद छोड़ देना चाहिए!  उनका एक ट्वीट इस प्रकार है-

 8. अकाली दल प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा जी ने क्या कहा:-

उन्होंने कहा कि पंजाब के डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाथय सरकारी अफसर के तौर पर कांग्रेस के लिए काम कर रहे हैं। इसलिए आज जो हुआ उसके लिए अफसरों के साथ-साथ चीफ मिनिस्टर भी जिम्मेदार हैं, चीफ मिनिस्टर को तो इस्तीफा दे देना चाहिए।


 9. पंजाब के वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जी ने क्या कहा:-

मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है। प्रधानमंत्री के काफिले के सामने कुछ प्रदर्शनकारी शांति पूर्वक अपनी बात कहने के लिए पहुंच गए तो कौन सी बड़ी बात हो गई। मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि किसान संगठनों ने पहले ही से प्रधानमंत्री की रैली करने का विरोध किया था। सड़कों पर प्रदर्शनकारी 1 दिन पहले से जमे हुए थे और बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं का रास्ता रोक रहे थे। उन्होंने रात में 3:00 बजे तक किसान नेताओं से बात की, उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेजा और सड़कें खाली करवाई। पंजाब सरकार ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बसों को भी सुरक्षा दी, ऐसा दावा किया पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने और कहा कि जब इतना सब किया तो प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कैसे चूक हुई। मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि, जो भी आरोप लगाया जा रहे हैं वह गलत है। प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी और वहां मोदी को कोई खतरा नहीं था, क्योंकि प्रधानमंत्री का रूट अचानक बदला गया, सड़क से जाने का कार्यक्रम अचानक बनाया गया इसलिए कुछ गड़बड़ी हो गई लेकिन प्रदर्शनकारी जो आए थे उन्हें भी प्रधानमंत्री के काफिले से पहले ही रोक दिया गया था।
किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। आज से नहीं, 1 साल से कर रहे हैं। किसानों की कुछ डिमांडे हैं। मैं अपने पंजाब के लोगों पर लाठियां और गोलियां नहीं चलाने वाला। प्यार से मैंने पूरी रात जागकर उन्हें सड़क से समझा-बुझाकर उठाया है और वे लोग मेरी बात मान कर या बीजेपी के नेताओं की बात मानकर सड़क से उठ गए थे। फिर वहां कोई भी प्रदर्शन नहीं था। अचानक कुछ लोग आकर बैठ गए, उन्हें प्यार से उठाया जा सकता था लेकिन किसी भी प्रकार का हमला नहीं हुआ है, अगर सिक्योरिटी में कोई चूक हुई है तो हम इंक्वायरी कराने के लिए तैयार हैं।



  पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी जी की बातें पर विचार:-

प्रधानमंत्री जी का जो सुरक्षा रूट होता है, उसका एक प्रोटोकोल होता है जो एडवांस सिक्योरिटी लाइजन टीम (ASL) कही जाती है। इसके बाद जो प्रोटोकोल होता है, स्थानीय पुलिस उन्हें बताती है कि इस प्लान के तहत वैकल्पिक रूट या मार्ग क्या होगा और पंजाब पुलिस ने इस मामले में यह वैकल्पिक रूट समझाया था और 1 दिन पहले भी इस मार्ग पर इसके लिए रिहर्सल हुआ था। चेकिंग के दौरान मार्ग को पूरी तरह से चेक किया जाता है, चाहे भले ही उस मार्ग का उपयोग प्रधानमंत्री के जाने के लिए किया जाए या नहीं, लेकिन सारी प्रक्रिया पूरी की जाती है। यह सारी चीजें पंजाब पुलिस के संज्ञान में थे और उनसे लगातार SPG कमांडो बात कर रहे थे। एसपीजी रूट तय नहीं करती है बल्कि स्थानीय पुलिस रूट तय करती है कि प्रधानमंत्री को निर्धारित स्थान तक कैसे जाना है। परंतु पंजाब में इसमें बहुत भारी चूक दिखाई दी ; पंजाब के मुख्यमंत्री जी, जो कुछ भी कह रहे हैं और वहां पर जो कुछ भी सचमुच में हुआ। वह कह रहे हैं , कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे; लेकिन प्रधानमंत्री के काफिले में मौजूद एक अधिकारी का कहना था, कि कम से कम 20 से अधिक ट्रैक्टर्स वहां पर मौजूद थे। तो अगर बीस ट्रैक्टर से अधिक ट्रैक्टर लेकर के प्रधानमंत्री का रास्ता रोका जा रहा है तो यह कोई शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन की बात तो है नहीं।  मुख्यमंत्री जी कह रहे हैं कि सड़क के रास्ते जाने का निर्णय तुरंत लिया गया, जबकि इसका प्रमाण है, कि पंजाब पुलिस के अफसरों को इसके 3 रास्तों की जानकारी 5 दिन पहले से थी, और इन पर उन्होंने सुरक्षा के लिए चिट्टियां भी लिखी थी और रिहर्सल भी हुए थे। जब पंजाब पुलिस के अफसरों को 5 दिन पहले से इस बात की जानकारी थी कि प्रधानमंत्री का 3 अल्टरनेटिव मार्ग निश्चित किया गया है, तो इसकी बकायदा तैयारी रखनी ही चाहिए थी। पंजाब पुलिस ने ही एसपीजी को यह मार्ग समझाया था और इसके बाद ही डीजीपी द्वारा प्रधानमंत्री को सड़क के रास्ते ले जाने की क्लीयरेंस दी गई।

उग्र विरोध प्रदर्शन के 12 प्रमाण-



 10. कांग्रेस मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने क्या कहा:-

 प्रधानमंत्री जी को बठिंडा से हेलीकॉप्टर के द्वारा फिरोजपुर तक जाना था। उनका कोई भी सड़क मार्ग से जाने वाला रूट पहले से निश्चित नहीं किया गया था। जब प्रधानमंत्री जी बठिंडा आए तो उन्हें पता चला कि रैली में बिल्कुल भी भीड़ नहीं है। शायद भाजपा और मोदी जी यह स्वीकार नहीं कर सकते कि उनकी रैली में  उनको सुनने के लिए भीड़ नहीं है, इसलिए उन्होंने हुसैनीवाला जो हमारा शहीद स्मारक है और उसके बाद रैली स्थल तक सड़क मार्ग से आखरी मिनट में अंतिम समय जाने का निश्चय किया। अब प्रधानमंत्री जब सड़क मार्ग से जा रहे थे, तब आनन-फानन में रूट लगाया गया और सारे सिक्योरिटी प्रधानमंत्री की रैली के लिए लगाई गई। यहां रास्ते में कुछ किसान साथियों ने विरोध किया, जो किसान मजदूर संघर्ष समिति है, जिसमें किसान लोग या हमारे भाई बहन हैं। वे बहुत दिनों से प्रधानमंत्री जी की रैली का बहिष्कार करने का निर्णय ले रखे थे।


  कांग्रेसियों की बातों का निष्कर्ष :-

सभी कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता यही कह रहे हैं कि रैली में भीड़ नहीं थी इसलिए मोदी वापस लौट गये।
रणदीप सुरजेवाला कह रहे हैं कि रैली में भीड़ ना होने से और कुर्सियां खाली होने से प्रधानमंत्री जी वापस चले गए। परन्तु वहां निरीक्षण करने के दौरान यह पाया गया कि, पंजाब में बारिश हो रही थी, भयंकर ठंडी थी। इसके बावजूद भी लाखों लोग आए थे। साथ में छाता लेकर आए थे। जिनके पास छाता नहीं था वह कुर्सियों को ही छाता बना लिए थे। बारिश के बावजूद भी काफी बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आने का इंतजार कर रहे थे और उनका भाषण सुनने के लिए रैली में बैठे रहे। लोग उस वक्त लौटे जब रैली को रद्द करने का अनाउंसमेंट कर दिया गया। उस वक्त तो जाहिर है कि कुर्सियां खाली हो ही जाएंगी। अतः रणदीप सुरजेवाला ने जो कहा है, वह सियासी और नाजायज बात है। कांग्रेसी लोग जो सफाई और तर्क दे रहे हैं, वह बचने की कोशिश है।


11. राहुल गाॅंधी जी ने क्या कहा :-

उन्होंने ट्विटर पर ट्विट किया है -

हमारी सीमाओं पर जो हो रहा है वह राष्ट्रीय सुरक्षा की एक बड़ी चूक है। क्या पीएम कभी इस बारे में बात करेंगे ?

राहुल गाॅंधी जी की बातों का निष्कर्ष :-  बेकार और बिना आधार की बातें हैं।

प्रधानमंत्री ने वापसी के बाद क्या एक्शन लिया :-

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वहाँ से वापसी के बाद नाराज़गी जताई और तुरन्त माननीय राष्ट्रपति जी के साथ गम्भीर बातचीत की। 
जाब में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सुरक्षा में सेंध


फिर उसके बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गहन जांच-पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया और रिपोर्ट की जल्द से जल्द मांग की।

Conclusion :-

इस घटना का गहनता से अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा के साथ किसी भयंकर साजिश के तहत खिलवाड़ किया गया और किसी बड़ी खतरनाक घटना की प्रतीक्षा की गयी। अगर कोई बड़ी साजिश नहीं होती तो पंजाब पुलिस के द्वारा SPG को रूट क्लियर होने का झूठा आश्वासन नहीं दिया गया होता। 

पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेसी नेता लोग कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री का सड़क मार्ग से जाने का प्लान अचानक निश्चित किया गया, जबकि यह बात बिल्कुल गलत है ; क्योंकि पंजाब के पुलिस प्रशासन और मुख्यमंत्री को भी प्रधानमंत्री के अल्टरनेटिव मार्ग की  पूरी जानकारी 5 दिन पहले से ही थी और पंजाब पुलिस द्वारा उस मार्ग का रिहर्सल  व चेकप भी किया गया था ।

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। आज से नहीं, 1 साल से कर रहे हैं। मैं अपने पंजाब के लोगों पर लाठियां और गोलियां नहीं चलाने वाला। लेकिन प्रदर्शनकारियों पर विचार-विमर्श करने पर पता चलता है कि वे सब खालिस्तान की मांग करने वाले अलगाववादी थे। क्योकि प्रदर्शनकारी उग्र थे और खालिस्तानी झण्ड़े लिए हुए थे, तथा भारत विरोधी नारे बाजी कर रहे थे।


DGP की चिट्ठियों वाला प्रमाण - https://www.youtube.com/watch?v=RKE9tnlIhZ0

चाहे जो कुछ भी हो, इस घटना का गहनता से जाॅंच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये ताकि भारत की गरिमा के साथ फिर कभी खिलवाड़ न किया जा सके।
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